देहरादून: एंबुलेंस को बनाया तस्करी का जरिया मरीज की जगह तस्करी किया जा रहा था 218 किलो गांजा, एक गिरफ्तार 1 फरार

Renu Negi
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उत्तराखंड :- प्रदेश में नशा तस्कर नशे की तस्करी को अंजाम देने के लिए नए नए तरीके निकाल कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की फिराक में रहते है तो वहीं उत्तराखंड में नशे के विरुद्ध अभियान के तहत पुलिस भी इन नशा तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरने को सदैव तत्तपर रहती है। ऐसा ही नशा तस्करी का एक अनोखा स्टाइल पौड़ी जिले में देखने को मिला यहां पुलिस ने एक एंबुलेंस को जरिया बनाकर तस्करी किया जा रहा (218 किलो) 2 क्विंटल से अधिक गांजा सहित 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार टीम घट्टी, टोटाम और डबरा सौराल में गस्त के दौरान संदेह होने पर अल्मोड़ा पुलिस ने एम्बुलेंस संख्या MP 17 G 3387 को रोका तो उसमें मरीज की जगह 16 कट्टों में रखा 218 किलो गांजा बरामद हुआ जो कि सराईखेत से काशीपुर ले जाया जा रहा । चालक को गिरफ्तार किया गया जबकि दूसरा आरोपी फरार होने में कामयाब रहा।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीते मोहान बैरियर पर वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सायरन बजाते हुए तेज रफ्तार आ रही एंबुलेंस के चालक से पूछताछ में चालक ने मरीज को रामनगर ले जाने की बात कही जब पुलिस ने एम्बुलेंस के अंदर तलाशी ली तो वहां कोई मरीज नही मिला और मरीज की जगह एम्बुलेंस में गांजा बरामद हुआ । चालक ने पूछताछ में अपना नाम रोशन लाल पुत्र चमन लाल (38), निवासी स्युन्सी, थलीसैंण, पौड़ी गढ़वाल बताया, जिसे गिरफ्तार किया गया। जबकि चालक का साथी आरोपी धर्मेन्द्र पुत्र राजेन्द्र निवासी स्युन्सी, थलीसैंण, पौड़ी गढ़वाल मौका देखकर फरार हो गया।

सीओ रानीखेत टीआर वर्मा ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है और फरार आरोपी की गहनता से तलाश की जा रही है।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल

नशे के विरुद्ध अभियान टीम में थानाध्यक्ष भतरौंजखान मदन मोहन जोशी, हेड कांस्टेबल आनंद, संदीप सिंह, योगेश कुमार, देवेंद्र प्रताप शामिल रहे।

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