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लंबे इंतज़ार के बाद अब उत्तराखंड कांग्रेस ने किया अपने नेताओं का ऐलान

Renu Negi
3 Min Read

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में हारने वाली कांग्रेस में नये प्रदेश अध्यक्ष, नेता विपक्ष और उप नेता की घोषणा कर दी है। कांग्रेस हाईकमान ने करन महारा (Karan Mahara) को नया कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है। वहीं, विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामने वाले यशपाल आर्य को नेता विपक्ष की जिम्‍मेदारी दी गयी है।

इसके अलावा खटीमा से भाजपा के पुष्‍कर सिंह धामी को हराकर चुनाव जीते भुवन चंद्र कापड़ी (Bhuvan Chand Kapri) सदन में उप नेता होंगे। बहरहाल, रानीखेत से चुनाव हारने वाले करन महारा उत्तराखंड कांग्रेस के छठे प्रदेश अध्यक्ष होंगे। वहीं, 2017 में चुनी गई विधानसभा में करन महारा उप नेता सदन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। महारा की ठाकुर नेता की पहचान है।

यशपाल आर्य और कापड़ी को मिला इनाम
वहीं, विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी छोड़ कांग्रेस में आए सीनियर नेता यशपाल आर्य नेता विपक्ष होंगे। वह इस बार बाजपुर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। इसके अलावा कांग्रेस की तरफ से चुनाव जीतने वाले 19 विधायकों में वह सबसे सीनियर हैं। यही नहीं, आर्य की पहचान बड़े दलित नेता की भी है। इतना ही नहीं, वह इससे पहले करीब 7 साल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा स्पीकर भी रह चुके हैं।

इसके अलावा खटीमा से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनाव हराने वाले भुवन चंद्र कापड़ी उप नेता सदन होंगे। हालांकि वह इस वक्‍त कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। जबकि ब्राह्मण जाति से आने वाले कापड़ी की गिनती कांग्रेस के युवा नेताओं में होती हैं। इससे पहले वह यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

जानें कांग्रेस में हुए बदलावों के मायने
>>पहली बात: उत्तराखंड में पहली बार अध्यक्ष, नेता विरोधी दल और डिप्टी नेता विपक्ष कुमाऊं रीजन से हैं। क्षेत्रीय बैलेंस बनाए जाने के लिए जो ट्राइड और टेस्टेड फॉर्मूला चलते आया था, वो इस बार कांग्रेस ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

>>दूसरी बात: कांग्रेस ने इस बार ठाकुर, ब्राह्मण और दलित के बीच का कॉन्बिनेशन बरकरार रखा है।

>>तीसरी बात: उधम सिंह नगर जिला प्रदेश की राजनीति में बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी का गृह जिला है। यहीं से नेता विपक्ष यशपाल आर्य हैं और डिप्टी लीडर भुवन चंद्र कापड़ी भी हैं।

>>चौथी बात: इस टीम में कांग्रेस ने कोशिश की है कि धड़ेबाजी पर रोक लगे। राज्‍य की राजनीति में हरीश रावत का रोल तकरीबन खत्म हो गया है। वहीं, उनके धुर विरोधी प्रीतम सिंह भी टीम से बाहर रखे गए हैं।

 

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