पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने सीएम से मिलकर चारधामों में यात्रियों की संख्या सीमित न करने का किया आग्रह

Renu Negi
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Former MLA Kedar Singh Rawat urged CM not to limit the number of pilgrims in Chardham

उत्तरकाशी/देहरादून: यमुनोत्री विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के लिए तीर्थ यात्रियों की संख्या निर्धारित न करने का आग्रह किया है।पूर्व विधायक ने उपरोक्त सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को एक पत्र भी सौंपा।

पूर्व विधायक यमुनोत्री विधानसभा केदार सिंह रावत ने मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात कर चार धाम यात्रा में संख्या सीमित न करने का अनुरोध किया।पूर्व विधायक ने कहा कि हरिद्वार,ऋषिकेश से चारधाम यात्रा मार्ग पर पर्याप्त मात्रा में यात्रियों के रहने के लिए पर्याप्त संख्या में होटल, रेस्टोरेंट मौजूद हैं, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम में भी यात्रियों के रहने-खाने की पर्याप्त ब्यवस्था है, यदि यात्रियों को रोका जाता है तो इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

पूर्व विधायक ने यमुनोत्री धाम की यात्रा के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री से विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यमुनोत्री क्षेत्र की यात्रा_क्षमता ही अगर मुद्दे का केंद्रबिंदु है ,तो इसमें दो घंटे का जानकीचट्टी से यमुनोत्री प्रस्थान में विश्राम रखने से हल किया जा सकता है। इसमें इस विश्राम समय को 10:00 बजे से 12:00 बजे दिन रखने का रावत ने सुझाव मुख्यमंत्री को दिया । ताकि धाम में उसी दिन सुबह का ट्रैफिक 12 बजे तक वापस लौट जाए एवं अन्य यात्री भी बिना रुकावट के सहजता से उसी दिन दर्शन कर सकें।

रावत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि चारधाम यात्रा ब्यवसाय से हजारों लोग जुड़े हुए हैं, तथा लोगों की आर्थिकी में एक महत्वपूर्ण योगदान भी चारधाम यात्रा का है, इन धामों में यात्रियों की संख्या सीमित करना जनउपयोगी नहीं है, रावत ने कहा कि स्थानीय लोगों की जनभावनाओं व कारोबारियों के आक्रोश को देखते हुए प्रदेश सरकार को उक्त फैसला जनहित में वापस लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद यमुनोत्री के पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने बताया कि उक्त सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया है, तथा आगामी होने वाली संबंधित बैठक में उन्होंने पूर्व विधायक द्वारा लिखित ज्ञापन को चर्चा हेतु रखने के दिशा निर्देश दिए हैं।

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