*आयुर्वेदिक डॉक्टरों का आंदोलन हुआ तेज, पूर्ण कार्य बहिष्कार, मरीज बिना इलाज के ही घर वापिस लोटने को मजबूर हुए।*
देहरादून/उत्तराखंड: शनिवार को 7 सूत्रीय मांगों को लेकर आयुर्वेदिक डॉक्टरों का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। संघ के स्टेट मीडिया कोर्डिनेटर डॉ० डी० सी० पसबोला ने बताया कि आज चिकित्सकों ने पूरे दिन पूर्ण कार्य बहिष्कार किया। साथ ही सम्पूर्ण प्रदेश में सभी चिकित्सालयों एवं जिला मुख्यालयों में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करके विरोध दर्ज किया गया। कई मरीजों को बिना इलाज के ही घर वापिस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्थानीय जनता द्वारा आयुर्वेदिक डॉक्टरों की मांगों का पूर्ण समर्थन किया जा रहा है और राज्य सरकार से सभी मांगों के शीघ्र समाधान हेतु अपील भी की जा रही है। ताकि फिर से चिकित्सालयों में चिकित्सा सुविधा सुचारू रूप से चल सके। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि उनकी वर्षों से लंबित मांगों की अनदेखी के कारण सभी चिकित्सकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
डॉ० पसबोला ने आगे कहा कि यदि शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को ओर भी अधिक व्यापक बनाया जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नीरज कोहली एवं महासचिव डॉ हरदेव रावत ने कहा कि प्रांतीय संघ के आवाह्न पर आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं निदेशालय में विरोध एवं धरना प्रदर्शन में सम्पूर्ण प्रदेश के आयुर्वेदिक डॉक्टर सक्रिय रूप से प्रतिभाग करेंगे।
*डॉ० डी० सी० पसबोला*
*☎️: 9456113538*
*स्टेट मीडिया कोर्डिनेटर*
*राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, उत्तराखंड*
*पिन: 248005*




